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स्मार्ट भारत की सूची घोषित

Posted On: 28 Aug, 2015 बिज़नेस कोच में

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एक बड़ा कदम उठाते हुए भाजपा के न्रेतत्व में एनडीए सरकार ने आज स्मार्ट इंडिया मिशन के तेहत १०० में से ९८ शहरोँ का नाम पहले चरण में घोषित किया जिसका की लाभ भारत की लगभग ३५% शहरी जनसँख्या को होगा | घोषित की हुई सूचि में उत्तर प्रदेश को १३ में से १२ , तमिल नाडू को १२, महाराष्ट्र को १०, मध्य प्रदेश को ७, गुजरात और कर्नाटका को ६-६, राजस्थान और पश्चिम बंगाल को ४-४, आंध्र प्रदेश, बिहार और पंजाब को ३-३,ओड़िसा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरयाणा को २-२और बाकी अंडमान और निकोबारआइलैंड, अरुणाचल प्रदेश, आसाम, चंडीगढ़, दमन और दिउ, दादरा और नगर हवेली, दिल्ली, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, केरला, लक्ष्मद्वीप, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, पुदुचेरी, सिक्किम, त्रिपुरा और उतराखंड को १-१ स्मार्टसिटी की सौगात मिली हैं | शेष २ नाम बाद में घोषित किये जायेंगे क्योंकि जम्मू और कश्मीर को कुछ समय और चाहिये कश्मीर याश्री नगर में से किसी एक का नाम का प्रस्तावित करने के लिए और इसके अलावा उत्तर प्रदेश को १ कम मिली है | केन्द्रीय सरकार, स्मार्ट इंडिया मिशन के लिए ४८,००० करोड़ का खर्च करेगी जो की इस मिशन के प्रमोचन में २५ जून को माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने घोषित किया था | ५ वर्षो की योजना के हिसाब से पहले वर्ष रु २०० करोड़ और बाकी के 4 वर्षो में प्रति वर्ष १००-१०० करोड़ दिए जायेंगे | स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चुने गए शहरों में से २४ राजधानी शहर, २४ उद्योगिक और व्यापारीक केंद्र और १८ सांस्कृतिक केंद्र होंगे | पहले चरण में शीर्ष २० शहरों को इसी वर्ष वित्त प्रदान कर दिया जायेगा बाकी के शहरों को अपनी खामिया पूरी कर देने के बाद अगले चरण में वित्त प्रदान होगा | सरकार बुनियादी सुविधाएं, सतत वातारवरण और बेहतर समाधान के विकास के लिए अगले ५-६ सालो में लगभग ३ लाख करोड़ रुपये नगरो को प्रदान करेगी |
उत्तर प्रदेश को मिला सबसे बड़ा हिस्सा :
सबसे ज्यादा जनसँख्या और राजनीती में देश के सबसे बड़े राज्य को सर्वाधिक १३ स्मार्टसिटी मिली है जिसमे से १२ का नाम घोषिक हो चुका है, जिसमे मोरादाबाद, अलीगढ़, सहरानपुर, बरेली, झांसी, कानपूर, अलाहबाद, लखनऊ, वाराणसी, गाजिअबाद, आगरा और रामपुर शामिल है और इनकी कुल जनसँख्या १,५३,३०,२६६ है | श्री दीपक कपूर, अध्यक्ष क्रेडाई पश्चिम उत्तर प्रदेश और निदेशक, गुलशन होम्ज़ ने कहा की “उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक स्मार्ट मिलना ज़रूरी था क्योंकि यह देश में सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला राज्य है | अपनी कृषि, उद्योगिक, उत्पाद और सेवा क्षेत्रोंके आधार पर जो नाम चुने गए है यह इस योजना के हिसाब से राज्य के सबसे योग्य शहर है | सर्वश्रेष्टइंफ्रास्ट्रक्चर लिंक और भविष्य की बेहतर योजनाएंउपलब्दहोना उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक स्मार्टसिटी मिलने की बात को साबित कर देता है | उत्तर प्रदेश अपना गुज़ारा स्वतंत्र रूप से करने में सक्षम है और यह देखा गया है की इसके पड़ोसी राज्य इस पर अपने गुज़ारे के लिए काफी निर्भर करते है, इसलिए उत्तर प्रदेश का बेहतर विकास निकटतम भविष्य में अच्छे परिणाम दे सकता है |” इसी विषय पर विचार जोड़ते हुए श्री राजेश गोयल, उपाध्यक्ष क्रेडाई पश्चिम उत्तर प्रदेश और एमडी, आर जी ग्रुप ने कहा की “ उत्तर प्रदेश और तमिल नाडू को सबसे ज्यादा स्मार्ट सिटी मिलने के बाद सभी को अंतिम सूचि आने का बेसब्री से इंतज़ार था | उत्तर प्रदेश के बारे में कहा जाये तो १३ में से १२ शहरों का नाम सुनिश्चित कर दिया गया है | तय की गयी सूचि में लगभग पूरा उत्तर प्रदेश को अंतर्गत कर लिया है जिसका की मुख्य केंद्र पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश पर है जो की भविष्य के शहरों की मांग को पूर्ण करता है | स्मार्ट इंडिया मिशन की नाव आखिरकार पानी में उतर चुकी है और अगली एक दशक के बाद हम एकदम विकसित भारत देखेंगे |”
स्मार्ट इंडिया मिशन के प्रमोचन के पहले ही दिन से उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा स्मार्टसिटी मिली हुई थी | संयुक्त प्रान्त के रूप में उत्तर प्रदेश १ अप्रैल १९३७ में अस्तित्व में आया और १९५० में नाम बदल कर उत्तर प्रदेश रख दिया गया | लखनऊ यह की राजधानी और राज्य का सबसे बड़ा शहर है | गाज़ियाबाद, कानपूर, बरेली, अलीगढ़, वाराणसी और अन्य शहरों ने मिल कर इसे देश का उद्योगिक केंद्र बना दिया | उत्तर प्रदेश की सीमा ८ राज्यों और उत्तर की ओर एक देश से जुड़ती है और यह भारत केक्षेत्रों के मुकाबले में चौथा सबसे बड़ा राज्य है जो की ७ प्रतिशत क्षेत्र में फैसला हुआ है जो लगभग २,५०,००० वर्ग किलोमीटर है | यह राज्य देश के सकल घरेलु उत्पाद (ग्रॉसडोमेस्टिकप्रोडक्ट) में सर्वोच्च तीन राज्यों में से एक है | “इतिहास इस बात का गवाह है की आज़ादी के बाद से ही उत्तर प्रदेश ने देश के विकास में अहम भूमिका निभाई है | यह देख कर काफी अच्छा लगा की उत्तर प्रदेश को देश की सर्वधिकस्मार्टसिटी मिली है | राज्य में चल रहा इंफ्रास्ट्रक्चर का काम उत्तर प्रदेश में स्मार्टसिटी के विकास में एक बड़ा स्त्रोत साबित होगा | स्मार्टसिटीलोगोकी जीवन शैली को बेहतर बनाने में सहायक होगी जो की इस क्षेत्र की विकास में सहयोग करेगी |” यह कहना है श्री कुशाग्र अंसल, निदेशक अंसलहाउसिंग का |
“ स्मार्ट सिटी का विकास, उपस्थित शहरों का बेहतर और कुशल सुधर करेगा जो की न केवल क्षेत्र का विकास करेगा बल्कि यह के निवासियों की जीवन शाली को भी बेहतर बनाएगा | स्मार्ट सिटी का विकास बड़े स्तर पर नौकरी के अवसर, एफडीआई, बुनियादी सुविधओं और आर्थिक उन्नति करेगा जो सीधे तौर पर देश के सकल घरेलु उत्पाद को बढ़ने में मद्द करेगा और उत्तर प्रदेश की तरक्की भी करगा |” यह कहा श्री अमृत पल सिंह, कार्यकारी निदेश, अप्रामेया ग्रुप ने | इसी बात पर सहमति देते हुए श्री अंकित अग्रवाल, सीएमडी, देविकाग्रुप ने कहा की “जब कोई क्षेत्र विकास करता है तो उसके पड़ोसी क्षेत्रों को भी लाभ मिलता है | उत्तर प्रदेश में १२ शहरोंके विकास होने से उसके आस पास के क्षेत्रों को विकास होगा | उदाहरण के तौर पर गाज़ियाबाद का स्मार्टसिटी के रूप में विकसित होना नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे और बाकी नज़दीकी इलाको के विकास में सहायक साबित होगा | मतलब १२ शहरों का विकास बाकी शहरों के विकास में मददगार साबित होगा जो की सीधे तौर पर देश को विकाशील बनने की ओर ले जायेगा |”
भारत विकास की राह पर :
९८ शहरों की अंतिम सूचि आ जाने से अब हम देश के विकास की बात कर सकते है | एक ऐसा फैसला जिसका सपना भारत का हर एक नागरिक पिछले एक साल से देख रहा था वो अब सच्च हो गया है | यह समझना ज़रूरी है की इन ९८ शहरों का विकास इन्ही तक सिमितनहीं होगा, इनके पड़ोसी व इनसे जुड़े हुए क्षेत्रों का भी बेहतर विकास नज़रआएगा | इन शहरों का चुनाव तर्कित और सही है साथ ही सारे खास शहरों को इसमें शामिल किया गया है | “अब वह दिन दूर नहीं है जब हम देखेंगे की भारत में स्मार्ट सिटी बन कर तैयार हो गयी है और संचालन में आ गयी है क्योंकि अब हम स्वस्थ और सतत वातारवरण की तरफ बढ़ रहे है | भारत की लगभग ३५ प्रतिशत शहरी आबादी इन ९८ शहरों में रहती हैं जिनमें की अब बड़ा मानसिक और शारिरीक बदलाव देखने को मिलेगा | भारत के विकास का रास्ता अब साफ़दिखने लगा है जो की इसे अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान देगा |” यह कहना है श्री दुजेंदर भारद्वाज, निदेशक, मरीना सुइट्स का |
स्मार्ट सिटी का विकास बड़े स्तर पर विदेशी निवेश के दरवाज़े खोल देगा, जो की तरलता, जनशक्ति, प्रौद्योगिकी और ज्ञान के रूप में एफडीआई का निवेश बढ़ाएगा | यह देश केलोगो और आर्थिक विकास में मद्द करेगा | “हमारा देश अब स्मार्ट देश बनने के लिए पूरी तरह तैयार है स्मार्टलोगो के साथ | स्मार्टसिटी के तेज़ और बेहतर विकास के लिए यह ज़रूरी है की केंद्र और राज्य सरकार साथ साथ इस योजना पर काम करे | भूमि अधिकरण विधेयक और जीएसटी विधेयक को पारित करना अवशक हो गया है और वक़्त पर परियोजनओं को अनुमोदन मिल जाना ज़रूरी होगा तब ही हम वक़्त पर हमारे देश में स्मार्ट सिटी पर काम कर पाएंगे |” यह निष्कर्ष दिया श्री रजनीकांत शर्मा सिएमडी, आर जे ग्रुप ने |

Web Title : LIST OF SMART INDIA DECLARED



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