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स्मार्ट सिटीज़ का गोल्डन क्वाड्रीलेटरल बढ़ावा देगा एनसीआर के अचल संपत्ति बाज़ार को

Posted On: 9 Sep, 2015 बिज़नेस कोच में

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२७ अगस्त, २०१५ भारत के इतिहास के पन्नों में एक यादगार रूप में लिखा जायेगा, भारत के विकास को दुगनी तेज़ी देने वाले स्मार्ट सिटीज़ प्रोजेक्ट के तहत ९८ शहरों का नाम घोषित हुआ था, यह शहर आधुनिक और सर्वसुविधा युक्त होंगे | यह ९८ शहर देश के बाकी शहरों को गुणवत्ता और बुनियादी सुविधायों में मात दे कर चुने गये हैं और अब यह भारत के सबसे स्मार्ट क्षेत्र के रूप में विकसित होने वाले हैं | इन शहरों के विकास के लिए २५ जून को स्मार्ट इंडिया मिशन के प्रमोचन के दोरान ४८००० करोड़ रूपए देने की घोषणा भी कर दी गयी थी, जो की पहले वर्ष में २०० करोड़ और अगले ४ वर्षों में १००-१०० करोड़ हर शहर को दिए जायेंगे | एक बेहतर और योजनाबद्ध विकास न केवल लोगो की जीवनशैली बेहतर बनाएगा बल्कि एफडीआई को आकर्षित कर देश के आर्थिक हालत को भी सुधारेगा, नौकरी के अवसर, बेहतर बुनयादी सुविधाएं और सतत वातावरण को भी लाने में सक्षम होगा |
गुणक प्रभाव :
कुछ के लिए फायदा बाकियों के लिए नुक्सान होता है, पर क्या यह सही है ? यह सवाल हर कोई पूछ रहा है क्योंकि कई योग्य शहर स्मार्ट सिटीज़ की सूचि में नहीं चुने गए, पर सिर्फ चुना जाना ही विकास का एक मात्र रस्ता नहीं है, आस पास के क्षेत्रों का चुना जाना सीधे तौर पर इन शहरों के विकास में सहायक होगा | एनसीआर का उदाहरण ले तो फरीदाबाद, नई दिल्ली (एनडीएमसी), करनाल और गाज़ियाबाद स्मार्ट सिटीज़ में चुने गए हैं, जो की दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरयाणा के अन्दर आते है इन सब शहरों को नक़्शे पर देखे तो यह मिल कर एक गोल्डन क्वाड्रीलेटरल बनाते है जिनसे न केवल इन शहरों का बल्कि इनके आस पास के क्षेत्र जैसे नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे, गुडगाँव, सोनीपत, पानीपत आदि शहरों को भी लाभ मिलेगा | “यह हमेशा देखा गया है की अगर किसी क्षेत्र का विकास होता है तो वह गुणक प्रभाव डालता है और उसके आस पास के क्षेत्रों के विकास में सहायक होता है | फरीदाबाद, नई दिल्ली (एनडीएमसी), करनाल और गाज़ियाबाद का नवीनीकरण एक विकास की लहर जगायेगा जो की इनके करीबी इलाकों के विकास में भी सहायक होगा | यह गुणक प्रभाव एनसीआर के अचल संपत्ति बाज़ार को बढ़ावा देगा और देश के बाकी अचल संपत्ति क्षेत्र पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा |” यह कहना है श्री अंकित अग्रवाल, सीएमडी, देविका ग्रुप का | इस विषय पर विचार जोड़ते हुए श्री विकास भसीन एमडी, साया होम्स का कहना है की “ स्मार्ट सिटीज़ के विकास के लिए काफी ज्यादा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होना ज़रूरी है जो की यात्रा के साधन जैसे सड़क, रेल, हवाई और जल के साथ बाकी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी होगा जो लोगो की जीवानशैली को बेहतर बनाएगा | यह विस्तार सिर्फ स्मार्ट सिटीज़ तक ही सिमित नहीं होगा बल्कि इनसे जुड़े हुए शहरों के विकास में भी मददगार साबित होगा |”
एनसीआर की स्मार्ट सिटीज़ का गोल्डन क्वाड्रीलेटरल :
एनसीआर के २३ क्षेत्रों में से ४ मुख्य क्षेत्र इस गोल्डन क्वाड्रीलेटरल का हिस्सा हैं, हरयाणा की दोनों स्मार्ट सिटीज़ इसका हिस्सा होगी, करनाल दिल्ली की उत्तर तरफ है और फरीदाबाद दक्षिण की ओर | गाज़ियाबाद ही है जो की उत्तर प्रदेश की तरफ से एनसीआर में स्मार्ट सिटीज़ के अन्दर चुना गया है, गाज़ियाबाद दिल्ली के पूर्व तरफ है और पश्चिम में नई दिल्ली (एनडीएमसी) मौज़ूद है | “यह चारों शहर मिलकर एक क्वाड्रीलेटरल बना रहे हैं जो की एनसीआर के इन क्षेत्रों और इनके आस पास के क्षेत्रो के अचल संपत्ति बाज़ार को एक नया रूप देंगे | स्मार्ट सिटीज़ बड़े संस्करण वाले इंफ्रास्ट्रक्चर का द्वार खोलेगा जो की किसी भी अचल संपत्ति बाज़ार को अच्छा प्रदर्शन करने में सहायक होगा | एक बार बुनियादी सुविधओं का काम चालू हो जाये तो मकान और कार्यालयों की मांग आना शुरू हो जाएगी जिससे की इस क्वाड्रीलेटरल के अचल संपत्ति क्षेत्र में नई मांग की भरमार लग जाएगी |” यह कहना है श्री रजनीकांत शर्मा, सीएमडी, आरजे ग्रुप का |
अनुत्तरित सवालों के उत्तर :
स्मार्ट शहरों की सूचि आने के बाद से लोगो ने मिली जुली प्रतिक्रिया दी | फरीदाबाद के ऊपर लोगो ने गुडगाँव को ज्यादा पसंद किया क्योंकि इसके पास अपना खुद का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है | विशेषज्ञों के अनुसार गाज़ियाबाद की जगह नोएडा को स्मार्ट सिटी के लिए चुना जाना चाहिये था क्योंकि दिल्ली और इसके पास एनसीआर के बाकी क्षेत्रो के साथ जुड़ाव, मल्टीनेशनल कंपनी, मेट्रो रेल, छोटे आर्थिक क्षेत्र आदि मौज़ूद है | पर एक बात जो की नहीं समझी गयी है वो है इन क्षेत्रों के बीच मौजूदा और योजनाबध जुड़ाव | उदाहरण के तौर पर एफएनजी एक्सप्रेसवे जो की फरीदाबाद, नोएडा और गाज़ियाबाद को जोड़ता है जिसमे २ स्मार्ट सिटीज़ आती है, एक हरयाणा में और एक उत्तर प्रदेश में | “नोएडा एफएनजी एक्सप्रेसवे के एकदम बीचों बीच आता है वहीं फरीदाबाद और गाजियाबाद दोनोँ कोनों पर आते है | एफएनजी एक्सप्रेसवे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर फरीदाबाद को भी बहुत अच्छी तरह से जोड़ता है | फरीदाबाद और गाज़ियाबाद का स्मार्ट विकास इस ५६ किलोमीटर के रास्ते में पड़ने वाली हर जगह का स्मार्ट विकास करेगा और इसीलिए नोएडा को बीच में आने का काफ़ी लाभ होगा, मतलब की इन जगहों का विकास होने से इन क्षेत्रों के नज़दीकी इलाकों को भी अच्छे विकास के अवसर मिलेंगे |” यह समझाया श्री अमित चौधरी, एमडी, रिद्हम काउंटी ने | दूसरा उदाहरण लेते हुए अगर हम नक़्शे में फिर से देखे तो, एनएच-१ के रास्ते से स्मार्ट सिटी दिल्ली से करनाल जाती है जिसके रास्ते में सोनीपत और पानीपत आता है जिनको भी दिल्ली और करनाल के स्मार्ट विकास से लाभ मिलेगा | गुडगाँव जैसे शहर को इस सूचि में न आने का कोई दुःख नही होगा, इस बात को समझाते हुए श्री कुशाग्र अंसल, अंसल हाउसिंग के निदेशक ने बताया की “ गुडगाँव एनसीआर का एकलोता ऐसा शहर है जिसमे विमानतल है, यहाँ सबसे ज्यादा मल्टीनेशनल कंपनी है, यहाँ एक्सप्रेसवे और हाईवे है, मेट्रो से जुड़ाव उपलब्ध है और बड़े उद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र पहले से ही मौज़ूद है | अगर सम्पत्ति बाज़ार की बात करे तो देश के बड़े-बड़े डेवलपर्स की यहाँ पर हर प्रकार की परियोजना है वो भी हर प्रकार की जनता के लिए | एनडीएमसी के अन्दर आने वाले दक्षिण और केंद्र दिल्ली से गुडगाँव तक जाने का जुड़ाव काफी बेहतर है और यह फरीदाबाद के पड़ोस में पश्चिम की ओर आता है | इन्ही कारणों से गुड़गाँव के पास ऐसी सुविधाएं मौज़ूद है जो की स्मार्ट सिटीज़ की सूचि के काफी शहरों को पीछे छोड़ देता है और बाकी दिल्ली और फरीदाबाद के बीच में आने से यह अपने विकास का हिस्सा ले लेगी |”
आने वाले ५ सालों में एनसीआर में होगा स्मार्ट विकास :
स्मार्ट सिटीज़ की सूचि की घोषणा के साथ यह भी घोषित हुआ था की हर शहर को स्मार्ट सिटी में तब्दील करने के ५०० करोड़ की राशि प्रदान की जाएगी | इसका मतलब यह हुआ की अगले ५ सालों के अन्दर एनसीआर में २००० करोड़ रूपए का निवेश होना है | मतलब की एनसीआर के अचल संपत्ति बाज़ार का एक बेहतरीन रूप देखने को मिलेगा जहाँ न केवल इन ४ शहरों में बल्कि इसके आस पास के क्षेत्रों में भी अद्भुत विकास होगा | “ केंद्र द्वारा एनसीआर के इन ४ स्मार्ट शहरों को २००० करोड़ रूपए का वित्त मिलेगा जो की इनके राज्य के बजट में मिल जायेगा, हम एनसीआर के स्मार्ट विकास की ओर बड़ रहे है जहाँ इन ४ शहरों का विकास होगा और यह लगभग १० और शहरों के विकास में सहायक होगे | सबसे महत्वपूर्ण असर होगा एनसीआर के संपत्ति बाज़ार को क्योंकि मकानों और कार्यालयों की मांग में खासी वृद्धि होगी जो की आने वाले ५ सालों में बाज़ार को पूरी तरह बदल देगी |” यह निष्कर्ष दिया श्री दुजेंदर भारद्वाज, निदेशक, मरीना सुइट्स ने |

Web Title : GOLDEN QUADRILATERAL OF SMART CITIES TO BOOST NCR REALTY MARKETS



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