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भारत देश की अचल संपत्ति और बुनियादी सुविधाओं की शोध आधारित खबरे, निति और अन्य जानकारिया

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इस नाम में क्या है?

Posted On: 18 Nov, 2015 बिज़नेस कोच में

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‘व्हाट्स इन अ नेम? डेट व्हिच वी कॉल अ रोज़,

बाय अदर नेम वुड स्मेल एस स्वीट |’

- विलियम शेक्सपियर, रोमियो एंड जूलिएट

अंग्रेजी के महान लेखक शेक्सपियर ने हमे इस बात पर यकीन दिलाया की नाम की ज्यादा अहमीयत नहीं होती, जो चीज़ जैसी होती है वेसी ही रहती है | पर भारत में नाम बहुत  मायने रखता है कि हम किस को किस तरह से देखते है | चाहे वो इंसान हो, पशु-पक्षी हो या कोई अजीवित वास्तु नाम अहम भूमिक निभाता है | न केवल भारत में बल्कि पुरे विश्व के अचल संपत्ति बाज़ार में परियोजनाओं के नाम काफ़ी सोच समझ कर रखे जाते है ताकि खरीदने वाले उस संपत्ति के पिछे का कारण समझ सके | यह नाम परियोजना की थीम और डिजाईन को दर्शाता है |

श्री राजेश गोयल, उपाध्यक्ष, क्रेडाई- पश्चिम ऊ.प्र. और महा-निदेशक, आरजी ग्रुप कहते है ‘सच बात तो यह है कि नाम हर संस्कृति के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण होता है, चाहे वो खरीददार हो या बेचने वाला | अचल कंपनियां परियोजना का नाम सोच समझ कर रखती है क्योंकि उनके लिए उनकी परियोजना किसी बच्चे से कम नहीं होती | ग्राहकों और समाज के लिए नाम बहुत अहम होता है क्योंकि यह उनको यह समझने में मदद करता है की उनको क्या प्रदान किया जा रहा है और वो क्या खरीदने वाले है |’ आरजी ग्रुप कि एनसीआर में कई परियोजनाएं है जिनका नाम काफी विचार कर के रखा गया है | उदाहरण के तौर पर अपनी लक्ज़री परियोजना का नाम आर जी लक्ज़री होम्स रखा है जो अपने आप में बताता है की ग्राहकों को क्या प्रदान किया जा रहा है | इसी विषय पर विचार जोड़ते हुए श्री विवेक गुप्ता, निदेशक, वर्धमान एस्टेट्स एंड डेवलपर्स (पी.) लिमिटेड ने कहा ‘अचल क्षेत्र में तर्क पर आधारित नाम रखने का चलन काफ़ी मशहूर है क्योंकि यह लोगों को इस बात को समझाने में सहायता करता है की हम उन्हें क्या प्रदान कर रहे है | आजकल विकासकर्ता अद्वितीय थीम पर आधारित परियोजनाएं बनाते है इसलिय नाम काफ़ी सोच-विचार कर के रखा जाता है | यह ग्राहक को नाम याद रखने में मदद करता है और विकासकर्ता के लिए परियोजना को उस क्षत्र में अलग पहचान दिलाने में सहायक होता है | वर्धमान भी इस बात का खासा ध्यान रखता है की परियोजना का नाम उस क्षेत्र के हिसाब से रखा जाये | उदाहरण के तौर पर इनकी परियोजना अल्फ़ा स्क्वायर का नाम उसकी लोकेशन ग्रेटर नोएडा के अल्फ़ा सेक्टर पर आधारित है इसी प्रकार आई वैली परियोजना में आईटी पार्क की उपस्तिथि को दर्शाने के लिए आई का इस्तेमाल किया गया है और परियोजना का पूरा ढांचा एक वैली के रूप में विकसित किया जा रहा है |

थीम से मिलता हुआ नाम

आज कल नाम रखने की अवधारणा बहुत अलग होती है | परियोजनओं के नाम थीम, क्षेत्र, प्रकार और धर्म के आधार पर तक रखे जाते है | हमारा देश पश्चिमी संस्कृति से ज्यादा प्रभावित होता है इसी कारण हमारे देश के विकासकर्ता भी वहाँ से प्रभावित हो कर अद्वितीय थीम पर आधारित परियोजना बना रहे है | उदाहरण के तौर पर एनसीआर के अचल संपत्ति बाज़ार में पिछली दो दशकों के अनुभव के साथ अजनारा इंडिया लिमिटेड ने थीम पर आधारित कई परियोजनाएं विकसित की है | इनकी परियोजना अजनारा अम्ब्रोसिया स्पेनिश थीम पर आधारित है और पूरी परियोजना स्पेन की तरह नज़र आती है, इसी प्रकार लन्दन स्क्वायर एक लक्ज़री परियोजना है जो की अंग्रेजी थीम पर आधारित है और इसको इसी प्रकार निर्मित भी किया गया है | जेएम हाउसिंग के निदेशक श्री रुपेश गुप्ता का कहना है ‘भारतीय अचल संपत्ति क्षेत्र में थीम पर आधारित परियोजना का इस वक़्त काफ़ी चलन है और इसी कारण कतरों में थीम आधारित परियोजना और टाउनशिप विकसित की जा रही है | हम भी इसी प्रकार कार्य कर रहे है, अभी हमारी ३ परियोजनाएं है जो की फूलों की थीम पर आधारित है | उसी समय हम इस बात का खासा ध्यान रखते है की पूरी परियोजना हमारी थीम की अनुसार ही हो | इस कारण हम सुन्दर उद्यान, ज्यादा से ज्यादा हरी-भरी जगह और भी काफी कुछ प्रदान करते है |’ इसी प्रकार एनसीआर की एक और प्रमुख अचल संपत्ति कंपनी श्री ग्रुप, भगवान कृष्णा की भूमि मधुरा और वृन्दावन में काफ़ी प्रसिद्ध है | कंपनी की इस क्षेत्र में बहुत सारी परियोजनाएं है, जो धार्मिक थीम पर आधारित होती है और नाम में राधा शब्द से हमेशा जुड़ा होता है जैसे श्री राधा एनआरआई ग्रीन्स, श्री राधा वैली और श्री राधा फ्लोरेंस आदि |

याद रखने की क्षमता को बढ़ाता है

अच्छे नाम का फायदा है की यह याद रखने में आसान होता है और लोगों की अवधारणा को बढ़ा देता है | सिधान्तकरों और शोधकर्ताओं ने हमेशा नाम की अहमियत पर खासा जोर डाला है, अच्छा नाम न केवल उस उत्पाद की पहचान बनता है बल्कि उसको याद रखना आसान कर देता है | सीधे अर्थ और अलग शब्द हमेशा याद रखने में बेहतर होते है | उदाहरण के तौर पर पेंटियम शब्द ग्रीक शब्द पेंटे से लिया गया है जिसका मतलब होता है पांच | साथ ही छोटे शब्द को बड़े शब्दों के मुकाबले याद रखना ज्यादा आसान होता है | ‘अचल संपत्ति क्षेत्र में भी नाम काफ़ी सोच-विचार कर रखे जाते है ताकि ग्राहकों के कानों और दीमाग तक सही संदेश पहुँच सके | इस क्षेत्र ने नाम ज्यादातर थीम, परियोजना की लोकेशन और कंपनी के विचारो पर आधारित होते है | ऐसे नाम, आम और लक्षित ग्राहकों को याद रखने में आसान होते है,’ यह समझाया श्री राकेश यादव, चेयरमैन, अन्तरिक्ष इंडिया ने |

अगर कोई विकासकर्ता खेल थीम पर आधारित परियोजना बना रहा है तो उसका नाम वह किड्स पैराडाइस नहीं रखेगा और अगर बच्चों की थीम पर आधारित परियोजना बना रहा है तो उसका नाम वह स्पोर्ट्स ग्राउंड नहीं रखेगा, क्योंकि की गलत नाम ग्राहकों को भ्रमित करेगा और जिस कारण बिक्री में खासी कमी होगी | ‘नाम किसी की पहचान को बताने के लिए काफ़ी अहम होता है, अब चाहे वो जीवित चीज़ हो या निर्जीव या भले ही अचल संपत्ति | इस क्षेत्र में नाम काफ़ी अहमियत रखता है न केवल यह उनकी रणनीति का हिस्सा होता है बल्कि लोगों को यह समझाने में भी मदद करता है की उनको क्या प्रदान किया जा रहा है और लम्बे समय तक रिश्ता बनाने में भी सहायक होता है | सही चुना हुआ नाम ग्रहकों को संपत्ति समझने में खासी सहायता करता है | इसी तरह विकासकर्ता के लिए यह परियोजना के आकर्षण और स्टाइल को काफी बढ़ा देता है | इसी कारण संपत्ति का नाम अचल संपत्ति क्षेत्र के लिए जड़ की तरह होता है जो शुरू से ले कर आखरी तक काम करता है,’ यह निष्कर्ष दिया श्री अजय रखेजा, सह-संस्थापक और सीईओ, सीआरइइंडिया.कॉम ने |

Web Title : WHAT’S IN A NAME?



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