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जीएसटी युग के बाद पहला रेट कट

Posted On: 4 Aug, 2017 बिज़नेस कोच में

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देश को एक सूत्रीय टैक्स प्रणाली में बाँधने वाले जी एस टी को एक एक महीना पूरा होने के साथ की सर्वोच्च बैंक आरबीआई ने अपनी द्विमासिक पालिसी रिव्यु में एक बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट की दर में 25 बेसिस अंकों की कटौती की है | जिसके फलस्वरूप मौजूदा दर 6.25 से घटकर 6 पर आ चुकी है | पिछले दो क्वार्टर पर नजर डाले तोमुद्रास्फीति में भी गिरावट दर्ज की गयी, ऐसे में रेट में कटौती कहीं ना कहीं अपेक्षित था | वित्त वर्ष 2017-18 के लिए यह आर बी आई की तीसरी समीक्षा थी वहीँ कैलेंडर वर्ष के हिसाब से आरबीआई ने चौथी बार पालिसी समीक्षा की |

आज की मोनेटरी रिव्यु के बाद जहाँ रेपो रेट 6 परसेंट पर आ गये वहीँ रिवर्स रेपो रेट की दर 6 से घटकर 5.75 पर रुकी | जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एम एस एफ ) 6.25 परसेंट की दर पर, कैश रिवर्स रेश्यो (सी आर आर ) बिना किसी परिवर्तन के 4 परसेंट और स्टेट्युटरी लिक्विडिटी रेश्यो की दर 20 परसेंट होगी | कुछ पहलुओं पर अगर गौर करें तो विशेषतया रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रेपो रेट में कटौती बेहद ज़रूरी थी | एक ओर जहां घर खरीददार होम लोन की दरों के नीचे आने की राह तक रहे हैं वहीँ डेवेलपर्स भी जी एस टी से होने वाले लाभ को बायर्स तक पहुँचाने के लिए प्रयत्नशील हैं | इतना ही नहीं बैंकों को ओर से ब्याजदरों में भी कटौती के आसार हैं, जो आने वाले दिनों में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कई तरीकों से फलदायी साबित होंगे | त्योहारों के सीजन भी नजदीक होने की वजह से भी आर बी आई द्वारा किये गये रेट-कट सभी बैंकों को इससे उपजे अतिरिक्त लाभ को ग्राहकों तक पहुँचाने का मौका देंगे | जो निश्चित ही आने वाले महीनों में कई सुनहरे अवसरों की किताब के पन्ने लोगों के लिए खोलेगी |

इस ऊपर डेवलपर्स की प्रतिक्रियाये

अभिषेक बंसल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, पैसिफिक ग्रुप

पिछले दो तिमाही से मुद्रास्फ्रीति में कमी आई है और दूसरी तरफ स्टॉक मार्केट में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है और यह मार्केट की मजबूती को प्रदर्शित करता है जोकि दूरी तय करने के लिए तैयार है | आज के रेटकट खरीददारों की भावनाओं को और वजन देगा जो खरीददारों को रियल एस्टेट में निवेश करने के प्रोत्साहित करेगा |

अवनीश सूद, डायरेक्टर, इरोस ग्रुप

जी एस टी को लागू हुए पहला महीना बीत चूका है और एक बेहतरीन प्रतिक्रिया का अनुभव करने के साथ ही खरीददारों की शंकायें भी बढ़ रही है | और इस समय रेटकट उनकी भावनाओं बढ़ाने का काम करेगा | इस साल के कैलेंडर का त्योहारी सीजन भी नजदीक है और ऐसे में रेटकट बैंक्स को ब्याज दरों को कम करने की अनुमति देगा |

गौरव गुप्ता, जनरल सेक्रेटरी क्रेडाई-आरएनई और डायरेक्टर, एसजी एस्टेट्स

भारतीय रियल एस्टेट मार्केट जीएसटी और रेरा के लागू होने के बाद तेजी से मजबूत हो रही है दूसरी तरफ प्रॉपर्टी के दाम अभी भी भारतीय खरीददारों के लिये महत्वपूर्ण बने हुए हैं जो की सापेक्ष रूप से प्रॉपर्टी की मांग के लिए जिम्मेदार होते हैं आज रेपो रेट में कटौती अक्टूबर 2016 के बाद हो रही है और यह बैंकों को आगे ब्याज दरों को कम करने के लिए प्रेरित करेगा और दामों के कम होने से प्रॉपर्टी की मांग में और भी इजाफा होगा |

दीपक कपूर, प्रेसिडेंट क्रेडाई पश्चिमी यूपी एंड डायरेक्टर, गुलशन होम्ज़

रियल एस्टेट सेक्टर रेपो रेट्स में कटौती का स्वागत करता है यह प्रोपर्टी की मांग को बढ़ाने में ईधन का काम करेगा साथ ही इएमआई भी कम होगी | रेट कट जी एस टी और रेरा के सही तरीके से लागू होने के दौरान ही सामने गये और सेक्टर परिवर्तन का अनुभव कर रहा है जहाँ खरीददारों की क्रियाओं में इजाफा हुआ है और डेवलपर्स से उस मांग को संतुष्ट करने की तीव्र इच्छा में है | जी एस टी में इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा और ई एम आई में कमी खरीददारों के ऊपर के बोझ को करने में मदद करेगा और मांग में बढ़ोतरी होगी

राकेश यादव, चेयरमैन, अन्तरिक्ष इंडिया ग्रुप

सेक्टर नौ महीनों से रेट में कटौती की आशा कर रहा था जोकि आज हुए हैं आरबीआई ने 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है | बैंक्स इसका लाभ जरूरी ही इस क्षेत्र के खरीददारों को देगा | यह रेट कट्स जीएसटी और रेरा युग के बाद हुए हैं जहाँ खरीददारों के लिए सेक्टर पारदर्शी और सरल हो गया है और दामों में कमी से खरीददार प्रॉपर्टी की मांग बढ़ाने में सहायक होगें |



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